भारत में कच्चे तेल की कोई किल्लत नहीं है, समस्या उसे रिफाइन कर पेट्रोल-डीजल में परिवर्तित कर पंपों तक पहुंचाने की क्षमता की है। अप्रत्याशित मांग को देखते हुए देश की मौजूदा क्षमता कम पड़ रही है।